खाटू श्याम भजन लिरिक्स

प्रेमी कभी यार कभी मेरा बाप बन जाता भजन लिरिक्स

प्रेमी कभी यार कभी,
मेरा बाप बन जाता,
मुझे जिसकी हो दरकार,
ये अपने आप बन जाता।।



मैं सा रे गा नहीं जानू,

मेरे माँ पा है मेरे श्याम,
सब सुर में ढल जाए,
लूँ तोतली जुबां से तेरा नाम,
याद कर इसे रोना भी,
आलाप बन जाता,
मुझे जिसकी हो दरकार,
ये अपने आप बन जाता।।



तेरे दर जा सब पूजे,

घर में ना रखें तस्वीर,
जो घर तेरा दिया है,
बैठा है तू मेरी तकदीर,
आते जाते देख तुझे,
हर ताप छन जाता,
मुझे जिसकी हो दरकार,
ये अपने आप बन जाता।।



जग से ना कोई अभिलाषा,

एक तुमसे ही मेरी आस,
मैं कितना भी बदलू,
तुम रहना रखना सदा पास,
बाकी सब अच्छा है,
जो तू आप बनवाता,
मुझे जिसकी हो दरकार,
ये अपने आप बन जाता।।



प्रेमी कभी यार कभी,

मेरा बाप बन जाता,
मुझे जिसकी हो दरकार,
ये अपने आप बन जाता।।

Singer – Vijay Sharma


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