गीत गीतांजलि

जन्मो का बंधन जीवन समर्पण विवाह वर्षगांठ गीत लिरिक्स

जन्मो का बंधन,
जीवन समर्पण,
दुनिया में ऐसा रिस्ता,
और नही है,
जन्मों का बंधन।।

तर्ज – सागर किनारे।



पति पत्नी का,

अनोखा ये संगम,
जीवन के पथ पे,
चले संग हर कदम,
सात फेरो का बंधन,
बस एक यही है,
जन्मों का बंधन,
जीवन समर्पण,
दुनिया में ऐसा रिस्ता,
और नही है,
जन्मों का बंधन।।



जन्मो जन्म का हो,

साथ हमारा,
राजकुँवर कहे ,
दिलबर तुम्हारा,
दिल की हर एक धड़कन,
यही कह रही है,
जन्मों का बंधन,
जीवन समर्पण,
दुनिया में ऐसा रिस्ता,
और नही है,
जन्मों का बंधन।।



जन्मो का बंधन,

जीवन समर्पण,
दुनिया में ऐसा रिस्ता,
और नही है,
जन्मों का बंधन।।

गायक – शेलेन्द्र नीलम मालवीया।
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’
नागदा 9907023365


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