मारवाड़ी भजन लिरिक्स

गुजरी देवमाल्या चाली देव का दर्शन ने चाली लिरिक्स

गुजरी देवमाल्या चाली,

चुंदड़ी जयपुर से मंगवाई,
टिकट या आसींद की कटवाई,
चूरमा देसी घी को लाई,
अरे हाथों में ध्वजा उठाई,
देव की जय जयकार लगाई,
बेरण का मुखड़ा चांद का टुकड़ा,
लगाई होठों पर लाली,
दमण नीचे फेरी जूती,
बंणगी देखो घणी कसूती,
गुजरी देवमाल्या चाली,
देव का दर्शन ने चाली।।

तर्ज – गजबण पानी न चाली।



देवमाल्या का देव धणी का,

सुनकर आए चर्चा,
साडू मारा लाल देवे से,
हाथों-हाथ ही पर्चा,
देव का पर्चा गजब का चर्चा,
सुनकर देवमाल्या चाली,
दमण नीचे फेरी जूती,
बंणगी देखो घणी कसूती,
गूजरी देवमाल्या चाली,
देव का दर्शन ने चाली।।



देवमाल्या का मेला मै पिया,

चाली पाली पाली,
माथा ऊपर चुनर ओढी,
लागे घणे रूपाली,
देव को नाम बनावे काम,
सुनकर पैदल या चाली,
दमण नीचे फेरी जूती,
बंणगी देखो घणी कसूती,
गूजरी देवमाल्या चाली,
देव का दर्शन ने चाली।।



अगरबत्ती नारियल मिठाई,

और मावा की थैली,
हाथ माही लेकर माला,
चार्ली सबसे पहली,
देव का मुखड़ा मिटावे दुखडा़,
सुनकर देमाली चाली,
दमण नीचे फेरी जूती,
बंणगी देखो घणी कसूती,
गूजरी देवमाल्या चाली,
देव का दर्शन ने चाली।।



चुंदड़ी जयपुर से मंगवाई,

टिकट या आसींद की कटवाई,
चूरमा देसी घी को लाई,
अरे हाथों में ध्वजा उठाई,
देव की जय जयकार लगाई,
बेरण का मुखड़ा चांद का टुकड़ा,
लगाई होठों पर लाली,
दमण नीचे फेरी जूती,
बंणगी देखो घणी कसूती,
गुजरी देंवमाल्या चाली,
देव का दर्शन ने चाली।।

गायक एवं लेखक – दिनेश अमरवासी।
98291-67293


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!