शिव भजन लिरिक्स

घोट के पी या छानी हुई पी या तेरे भक्तों के हाथों से पी

घोट के पी या छानी हुई पी,
या तेरे भक्तों के हाथों से पी,
पीले भोले खुशी से पीले भोले।।



बूटी या प्रेम से बनाई है,

पर्वत कैलाश से मंगाई है,
घोट के पीले आजा,
लोक तीनो के राजा,
भक्तों ने चाव से बनाई है।।



संग में गोरा जो नहीं आएगी,

बूटी अधूरी रह जाएगी,
संग में लाना चाहिए,
दर्श दिखाना चाहिए,
शोभा दोनों की बढ़ जाएगी।।



माना कि शंकर निराला है,

गल में सर्पों की तेरे माला है,
बास पर्वत का तेरा,
चांद सा मुखड़ा तेरा,
चारों तरफ उजियारा है।।



भजन बनाके शर्मा गाता है,

चरणों में शीश को नवाता है,
आगे है मर्जी तेरी,
नाव भंवर में मेरी,
पार लगाना तुझको आता है।।



घोट के पी या छानी हुई पी,

या तेरे भक्तों के हाथों से पी,
पीले भोले खुशी से पीले भोले।।

Upload By – Om Prakash Yogi ( Bhorki)
9784245921


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