कृष्ण भजन लिरिक्स

बांके बिहारी तोसे हारी मैं हारी अँखियाँ मिला के भजन लिरिक्स

बांके बिहारी तोसे हारी मैं हारी,
अँखियाँ मिला के।।



अँखियाँ मिला के मेरो,

मन मोह लीनो,
समझ ना आए हाय,
कैसो जादू कीनो,
तोरी चितवन चैन चुरावत है,
मोहे रात नींद नहीं आवत है,
मोहे श्याम ही श्याम दिखावत है,
मन पागल बन चिल्ल्वात है,
भूली में सुध बुध,
सारी मैं हारी,
अँखियाँ मिला के,
बाँके बिहारी तोसे हारी मैं हारी,
अँखियाँ मिला के।।



मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,

ब्रज वासिन के मन को मोहे,
मेरी सिर से गगरिया पटक गयो,
मेरी धानी चुनरिया झटक गयो,
मेरो मन अलकन में अटक गयो,
कछु अटक गयो कछु भटक गयो,
ओढ़े कम्बलिया कारी मैं हारी,
अँखियाँ मिला के,
बाँके बिहारी तोसे हारी मैं हारी,
अँखियाँ मिला के।।



रास रचाए कहीं गिरवर उठाए,

धेनु चराए कहीं बंसी बजाए,
तोरी तिरछी नजरिया गजब करे,
तोरी बांकी बाँसुरिया गजब करे,
तोरी कारी कम्बलिया गजब करे,
मेरो श्याम सांवरिया गजब करे,
केशव लीला तोरी न्यारी मैं हारी,
अँखियाँ मिला के,
बाँके बिहारी तोसे हारी मैं हारी,
अँखियाँ मिला के।।



बांके बिहारी तोसे हारी मैं हारी,

अँखियाँ मिला के।।

Singer – Satyendra Kalyan


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