गणेश भजन लिरिक्स

आज बुधवार है गणपति जी का वार है भजन लिरिक्स

आज बुधवार है,
गणपति जी का वार है,
ये सच्चा दरबार है,
सबसे पहले इनको पूजे,
उसका बेडा पार है।।



वक्रतुण्ड है महाकाय है,

एक दन्त कहलाते है,
रिद्धि सिद्धि को देने वाले,
सबके कष्ट मिटाते है,
महिमा अपरम्पार है,
गणपति जी का वार है,
सबसे पहले इनको पूजे,
उसका बेडा पार है।।



शिव शंकर ने क्रोध में आकर,

इनके शीश को काटा है,
पारवती की विनती पर फिर,
गज का शीश लगाया है,
इनकी जय जयकार है,
गणपति जी का वार है,
सबसे पहले इनको पूजे,
उसका बेडा पार है।।



परशुराम से युद्ध हुआ तब,

फरसा इन पर मारे है,
एक दांत फिर टूट गया तो,
एकदंत कहलाते है,
किरपा का भंडार है,
गणपति जी का वार है,
सबसे पहले इनको पूजे,
उसका बेडा पार है।।



लाडू पेड़ा मोदक मेरे,

बप्पा जी को भाता है,
उनकी मुरादें पुरण हो जो,
इनको भोग चढ़ाता है,
गणपति जी का वार है,
सबसे पहले इनको पूजे,
उसका बेडा पार है।।



आज बुधवार है,

गणपति जी का वार है,
ये सच्चा दरबार है,
सबसे पहले इनको पूजे,
उसका बेडा पार है।।

गायक – राकेश जी काला।


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